सोमवार, 30 अगस्त 2010

काया-कल्प

rogaनुसार पथ्य अपथ्य
१-ह्रदय रोग , उच्च रकत चाप व हिपेर टेंसन --
पथ्य- गेहू का आटा ,कम मात्रा में बाजरा और जवार, मुंग साबुत तथा अंकुरित डाले,काले चने, हरी पत्तेदार सब्जिय (पालक,मेथी, बथुवा ), अज्वैन ,मुनक्का, अदरक, नीबू, लौकी, तुलसी पत्र, तोरई, पुदीना, परवल, सहिजन, कद्दू, टिंडा, करेला, आदि।
अंगूर, मौसमी, पपीता, आनर, संतरा, सेब, अमरुद, अनानास, बादाम, बिना मलाई का दूध, छाछ, अर्जुन छाल, सिद्ध दूध, सरसों, सूरजमुखी, सोयाबीन का तेल, शुद्ध गाय का घी ,चीनी, शहद, मुरब्बे आदि।
अपथ्य- केक ,पेष्टि, नॉन, रुमाली रोटी, नुडल्स, पिज्जा, बर्गर, नमक, तले और डिब्बा बंद खाद्य पदार्थ,मक्खन, घी, खोया, मलाई,मांस, मछली, डालडा से बने पदार्थ, मेदा व बेसन से तले हुए पदार्थ, गरिष्ठ भोजन, कटहल, काजू,अखरोट, पिस्ता आदि सूखे मेवे, शराब, आचार,चटनी, सोस, तले पापड़, बिस्कुट, चिप्स, धुम्रपान,आदि असेव्निया है।
विशेष- साबुत आनाज और डालो का सेवन करे। रोज हल्का व्यायाम और सैर करे,खाने के एकदम बाद सैर या व्यायाम न करे। एक समय में वस्व युक्त व भरी भोजन करने के बजाय हल्का भोजन थोड़े-थोड़े अन्तराल में करे,खासी रहने की स्थिति में दही, कच्चा तेल टमाटर नहीं खाना चाहिए,दूध में पेय दल कर प्रयोग करे।
२-मधुमेह
पथ्य -